कस्टमर एंगेजमेंट: स्टोर पर आने वाले कस्टमर्स का स्वागत करें, उनकी ज़रूरतों को समझें, और उन्हें उनकी ज़रूरत के हिसाब से प्रोडक्ट्स सुझाएँ।
सेल्स और अपसेलिंग: प्रोडक्ट्स के फ़ायदे अच्छी तरह समझाकर, प्रमोशन्स के बारे में बताकर, और साथ में इस्तेमाल होने वाले दूसरे प्रोडक्ट्स (complementary items) बेचकर, स्टोर के सेल्स टारगेट पूरे करें।
ट्रांज़ैक्शन मैनेजमेंट: Point of Sale (POS) सिस्टम का इस्तेमाल करके कैश और कार्ड से होने वाले पेमेंट्स को सही-सही प्रोसेस करें, और रसीद या इनवॉइस तैयार करें।