मरीजों का परिवहन: बीमार या घायल मरीजों को उनके घर से अस्पताल या एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक सुरक्षित रूप से पहुँचाना।
इमरजेंसी रिस्पॉन्स: एम्बुलेंस को कम से कम समय में मरीज के पास पहुँचाना और "गोल्डन आवर" (आपातकालीन समय) का ध्यान रखना।
रास्ते का ज्ञान: शहर के शॉर्टकट और ट्रैफिक वाले रास्तों की जानकारी रखना ताकि मरीज को देरी न हो।
मरीज की सहायता: स्ट्रेचर या व्हीलचेयर की मदद से मरीज को एम्बुलेंस के अंदर और बाहर ले जाने में मेडिकल स्टाफ की मदद करना।
गाड़ी का रखरखाव: एम्बुलेंस की सफाई, तेल, पानी और टायर के प्रेशर की नियमित जांच करना ताकि गाड़ी बीच रास्ते में खराब न हो।
ट्रैफिक नियमों का पालन: तेज गति में होने के बावजूद सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करना।
अनुभव: आमतौर पर 2से 5साल का ड्राइविंग अनुभव (एम्बुलेंस चलाने का अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता दी जाती है)।
शिक्षा: कम से कम 8वीं या 10वीं पास होना चाहिए।
लाइसेंस: एक वैध (Valid) कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है।
भाषा: स्थानीय भाषा की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।
सैलरी: लगभग ₹12,000 से ₹15,000 प्रति माह (यह अनुभव और शहर के अनुसार बदल सकती है)।
ड्यूटी का समय: अक्सर 12 घंटे या 24 घंटे की शिफ्ट होती है, क्योंकि यह एक इमरजेंसी सेवा है।